April 16, 2026

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मदद के लिए कोई नही आया आगे, तड़पते हुए तोड़ा दम

चंपावत। बाराकोट ब्लॉक मुख्यालय की यह घटना बेहद डरावनी है और कोरोना से भी ज्यादा खौफ पैदा करने वाली है। 77 साल का एक बुजुर्ग एक बैंक के नजदीक चक्कर आने के कारण गिर गया और लगभग 12 मिनट बाद वहीं उसी हाल में पड़ा रहा। इस दौरान उन्हें आसपास के लोगों की ओर से मदद तो दूर किसी ने छूने की जहमत तक नहीं उठाई जिसके बाद कुछ ही देर में बुजुर्ग ने दम तोड़ दिया। बुजुर्ग के परिजनों का कहना है कि उनके घर में कोई भी कोरोना संक्रमित मरीज नहीं है। अगर वक्त पर उस शख्स की मदद की होती तो शायद उस्की जिंदगी बच जाती।
ढुंगाजोशी निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक नवीन जोशी 13 मई की सुबह साढ़े दस बजे बैंक के काम से गांव से पांच किमी दूर पैदल ही बाराकोट पहुंचे। बैंक से काम निपटा कर वह लौट गए, लेकिन रास्ते से वह पासबुक में इंट्री कराने को फिर बैंक शाखा पहुंचे। इस बीच, बैंक के नजदीक वह एकाएक जमीन पर गिर पड़े। करीब 12 मिनट तक वह अपने उसी हाल में तड़पते रहे। इस दौरान आसपास मौजूद लोगों ने न तो उनको पानी पिलाया और न ही कोई भी व्यक्ति उनके पास फटका। बुजुर्ग के अचेत होने से पहले आपात सेवा 108 एंबुलेंस को कुछ लोगों ने कॉल जरूर किया। लोगों का कहना था कि कोरोना काल में संक्रमण के डर से वे पास नहीं गए। कुछ देर बार बुजुर्ग शिक्षक के भतीजे कैलाश जोशी मौके पर पहुंचे लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। आपात सेवा 108 के जिला प्रभारी भास्कर शर्मा ने बताया कि बाराकोट अस्पताल ले जाते वक्त ही बुजुर्ग ने दम तोड़ दिया था।

“कोरोना काल में सावधानी और सामाजिक दूरीआवश्यक है पर ऐसा करते वक्त सामान्य मानवीय मूल्यों की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए। बाराकोट में हुए मामले में आसपास के लोगों को तुरंत 108 सेवा को कॉल करने के अलावा मास्क पहने और हाथ में दस्तानों के साथ बुजुर्ग की मदद करनी चाहिए थी। इससे बीमार व्यक्ति का हौसला बढ़ता और हिम्मत जागती।”
डॉ. आरपी खंडूरी, सीएमओ, चंपावत।

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