July 20, 2026

आम जनता की आवाज

सच का सारथी

Dukan Ad
Dukan Ad
Dukan Ad

मरीजों की समस्याएं उठाना पड़ा भारी! जिला अस्पताल की खबरों से नाराज चिकित्सकों ने पत्रकारों के खिलाफ डीएम को सौंपा ज्ञापन

मरीजों की समस्याएं उठाना पड़ा भारी! जिला अस्पताल की खबरों से नाराज चिकित्सकों ने पत्रकारों के खिलाफ डीएम को सौंपा ज्ञापन

चम्पावत। जिला चिकित्सालय की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर लगातार प्रकाशित हो रही खबरों के बाद अब पत्रकार और चिकित्सक आमने-सामने आ गए हैं। मरीजों की समस्याओं को प्रमुखता से उजागर करने वाले दो स्थानीय पत्रकारों के खिलाफ चिकित्सकों ने प्राथमिक चिकित्सा स्वास्थ्य सेवा संघ, चम्पावत के माध्यम से जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए कार्य में बाधा डालने और दबाव बनाने के आरोप लगाए हैं।

जानकारी के अनुसार, बाराकोट निवासी एक मरीज का एमआरआई होना था। मरीज पहले भी दो बार जिला अस्पताल आ चुका था, लेकिन हर बार किसी न किसी कारण से जांच नहीं हो सकी। तीसरी बार भी तकनीशियन उपलब्ध न होने के कारण एमआरआई नहीं हो पाया। इससे आक्रोशित मरीज ने पीएमएस कार्यालय के सामने अपना पर्चा फाड़कर नाराजगी जताई। मौके पर मौजूद पत्रकारों ने मरीज की शिकायत और अस्पताल की व्यवस्था से जुड़ी समस्या को समाचार के रूप में प्रकाशित किया। पत्रकारों ने आरोप लगाया कि पुरानी घटना का जिक्र करते हुए डॉक्टर संगठन ने झूठे आरोप लगाए हैं।

बताया जा रहा है कि इसी घटनाक्रम के बाद चिकित्सकों ने पत्रकारों की कार्यशैली पर आपत्ति जताते हुए जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंप दिया। दूसरी ओर, पत्रकारों का कहना है कि उन्होंने केवल मरीज की पीड़ा और अस्पताल की वास्तविक स्थिति को सामने रखा है। उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाना नहीं, बल्कि आम जनता से जुड़े मुद्दों को प्रशासन तक पहुंचाना है।

गौरतलब है कि पिछले कई सप्ताह से जिला अस्पताल में एमआरआई सेवा तकनीशियन के अभाव में प्रभावित रहने, अल्ट्रासाउंड सेवाओं में व्यवधान, विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी, मरीजों के साथ व्यवहार और अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की खबरें लगातार सामने आती रही हैं। इन मुद्दों पर जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने भी सुधार की मांग उठाई है।

अब यह मामला जिला प्रशासन के समक्ष है। पत्रकारों का मानना है कि यदि अस्पताल की व्यवस्थाओं और चिकित्सकों द्वारा लगाए गए आरोपों—दोनों की निष्पक्ष जांच कराई जाती है, तो सच्चाई सामने आएगी। लोकतंत्र में स्वतंत्र पत्रकारिता का दायित्व जनता की आवाज़ को शासन-प्रशासन तक पहुंचाना है और मरीजों की समस्याओं को उठाना उसी जिम्मेदारी का हिस्सा है।

शेयर करे