अमेरिका के कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर बनी आयुष्री को डीएम ने किया सम्मानित
संवाददाता चम्पावत । जनपद चम्पावत की होनहार बेटी आयुष्री भावे ने अपनी प्रतिभा, मेहनत और दृढ़ संकल्प के दम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। आयुष्री का चयन अमेरिका की प्रतिष्ठित कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर हुआ है। उनकी इस सफलता से पूरे जनपद में खुशी का माहौल है।
आयुष्री की उपलब्धि पर जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने उन्हें सम्मानित कर शुभकामनाएं दीं। इस दौरान उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्र और सीमित संसाधन किसी भी प्रतिभा की राह में बाधा नहीं बन सकते। यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत निरंतर की जाए तो दुनिया के किसी भी मुकाम तक पहुंचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि आयुष्री आज प्रदेश के युवाओं, खासकर बेटियों के लिए प्रेरणास्रोत बन गई हैं।
जिलाधिकारी ने आयुष्री की माता श्रीमती भावना को भी सम्मानित किया। श्रीमती भावना वर्तमान में राजकीय इंटर कॉलेज देवीधुरा में अध्यापिका हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि बेटी की सफलता में परिवार और संस्कारों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
लोहाघाट निवासी आयुष्री भावे ने प्रारंभिक शिक्षा स्थानीय विद्यालयों से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने भीमताल से बी-फार्मा और जयपुर से एम-फार्मा की पढ़ाई पूरी की। कठिन प्रतियोगी परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद उन्होंने अमेरिका में यह महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की।
शिक्षा और शोध के साथ-साथ आयुष्री कला एवं संगीत के क्षेत्र में भी विशेष रुचि रखती हैं। फार्माकोलॉजी विषय पर उनकी पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। इसके अलावा उन्होंने फाइन आर्ट और संगीत में भी डिग्री हासिल कर अपनी बहुमुखी प्रतिभा का परिचय दिया है।
जनपदवासियों ने आयुष्री की इस सफलता को चम्पावत और उत्तराखंड के लिए गौरव का क्षण बताते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
संवाददाता चम्पावत । जनपद चम्पावत की होनहार बेटी आयुष्री भावे ने अपनी प्रतिभा, मेहनत और दृढ़ संकल्प के दम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। आयुष्री का चयन अमेरिका की प्रतिष्ठित कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर हुआ है। उनकी इस सफलता से पूरे जनपद में खुशी का माहौल है।
आयुष्री की उपलब्धि पर जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने उन्हें सम्मानित कर शुभकामनाएं दीं। इस दौरान उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्र और सीमित संसाधन किसी भी प्रतिभा की राह में बाधा नहीं बन सकते। यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत निरंतर की जाए तो दुनिया के किसी भी मुकाम तक पहुंचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि आयुष्री आज प्रदेश के युवाओं, खासकर बेटियों के लिए प्रेरणास्रोत बन गई हैं।
जिलाधिकारी ने आयुष्री की माता श्रीमती भावना को भी सम्मानित किया। श्रीमती भावना वर्तमान में राजकीय इंटर कॉलेज देवीधुरा में अध्यापिका हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि बेटी की सफलता में परिवार और संस्कारों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
लोहाघाट निवासी आयुष्री भावे ने प्रारंभिक शिक्षा स्थानीय विद्यालयों से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने भीमताल से बी-फार्मा और जयपुर से एम-फार्मा की पढ़ाई पूरी की। कठिन प्रतियोगी परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद उन्होंने अमेरिका में यह महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की।
शिक्षा और शोध के साथ-साथ आयुष्री कला एवं संगीत के क्षेत्र में भी विशेष रुचि रखती हैं। फार्माकोलॉजी विषय पर उनकी पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। इसके अलावा उन्होंने फाइन आर्ट और संगीत में भी डिग्री हासिल कर अपनी बहुमुखी प्रतिभा का परिचय दिया है।
जनपदवासियों ने आयुष्री की इस सफलता को चम्पावत और उत्तराखंड के लिए गौरव का क्षण बताते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।



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