संवाददाता चम्पावत।
बिनवाल गांव-कलियाधूरा मोटर मार्ग निर्माण के लिए केंद्र सरकार ने 8.720 हेक्टेयर वन भूमि हस्तांतरण को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही सड़क निर्माण का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।
पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा लोक निर्माण विभाग को वन भूमि प्रत्यावर्तन की स्वीकृति प्रदान किए जाने के बाद सीमांत क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों को बारहमासी सड़क सुविधा मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। सड़क निर्माण से क्षेत्र में आवागमन सुगम होने के साथ आर्थिक गतिविधियों और पर्यटन को भी नई गति मिलेगी।
जिलाधिकारी मनीष कुमार ने बताया कि केंद्र सरकार की गाइडलाइंस के तहत इस परियोजना के बदले पाटी तहसील के मौनकाण्डा पट्टी (चौड़ाकोटा) में 17.442 हेक्टेयर सिविल भूमि पर प्रतिपूरक वनीकरण किया जाएगा। इसके तहत स्थानीय और स्वदेशी प्रजातियों के पौधे लगाए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण के दौरान पर्यावरण और वन्यजीवों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी तथा सभी मानकों का कड़ाई से पालन कराया जाएगा। संबंधित विभागों को पेड़ों की कटान न्यूनतम रखने और कार्य को वन विभाग की निगरानी में कराने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अलावा मलबा निस्तारण के लिए चिन्हित डंपिंग स्थलों पर सुरक्षा दीवार निर्माण और समयबद्ध स्थिरीकरण के निर्देश भी जारी किए गए हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि जिला प्रशासन, लोक निर्माण विभाग और वन विभाग के समन्वय से केंद्र सरकार की सभी शर्तों का पालन करते हुए परियोजना को जल्द धरातल पर उतारा जाएगा, ताकि ग्रामीणों को बेहतर सड़क सुविधा का लाभ शीघ्र मिल सके।
बिनवाल गांव-कलियाधूरा मोटर मार्ग निर्माण का रास्ता साफ 8.720 हेक्टेयर वन भूमि हस्तांतरण की केंद्र सरकार से मिली मंजूरी

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