राजकीय शिक्षक संघ ने विभिन्न मांगों को लेकर प्रधानमंत्री को भेजा खून से लिखा खत
विभागीय सीधी भर्ती निरस्त करने, पदोन्नति, स्थानांतरण आदि मांगों को लेकर 18 अगस्त से आंदोलनरत हैं शिक्षक देवभूमि टुडे
चंपावत। विभागीय सीधी भर्ती नियमावली निरस्त करने, पदोन्नति, स्थानांतरण आदि मांगों को लेकर राजकीय शिक्षक संघ 18 अगस्त से आंदोलनरत है। मांगों पर कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं होने से नाराज राजकीय शिक्षक संघ की प्रांतीय कार्यकारिणी के आह्वान पर शिक्षकों ने अपने शरीर से खून निकाल खून की स्याही बनाकर आज 25 सितंबर की शाम प्रधानमंत्री के नाम एक ज्ञापन भेजा।
शिक्षकों का आरोप है कि उनकी मांगों की अनदेखी की जा रही है। कोई कार्रवाई नहीं होने के बाद अब शिक्षकों ने अंतिम पुकार के रूप में प्रधानमंत्री के नाम खून से एक ज्ञापन लिखकर भेजा है। राजकीय शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष विनोद गहतोड़ी के मुताबिक राज्य सरकार में उनकी कोई सुनवाई नहीं होने के बाद अब शिक्षक केंद्र सरकार का दरवाजा खटखटाने को मजबूर हुए हैं। अगर वहां से भी इंसाफ नहीं मिलता है, तो शिक्षक आंदोलन की नई रणनीति तय करेंगे। जल्द सभी शिक्षक दिल्ली में केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने की तैयारी कर रहे हैं।

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