गौरतलब है कि सरकार ने ग्राम पंचायतों और क्षेत्र पंचायतों में प्रशासक नियुक्त करने की संभावनाओं पर विचार के लिए एक कमेटी का गठन था। इस संबंध में सचिव पंचायती राज चंद्रेश कुमार की ओर से आदेश जारी करते हुए कमेटी से नौ दिसंबर तक अपनी आख्या के साथ रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे।
सूत्रों की मानें तो रिपोर्ट प्राप्त हो चुंकी है।
त्रिस्तरीय पंचायतों के तहत राज्य के सभी जिलों जनपदों (हरिद्वार को छोड़कर) में प्रशासक की नियुक्ति किए जाने के संबंध में निवर्तमान ब्लाक प्रमुख, क्षेत्र पंचायत संघ, उत्तराखंड और प्रदेश प्रधान संगठन, उत्तराखंड ने एक दिन पहले बीते मंगलवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मिलकर जिला पंचायतों की तर्ज पर उन्हें भी प्रशासक बनाने की मांग की थी। मुख्यमंत्री के निर्देश पर अब सचिव पंचायती राज की ओर से इस संबंध में अपर सचिव पंचायतीराज विभाग युगल किशोर पंत की अध्यक्षता में एक समिति बना दी गई थी। पंचायती राज निदेशक निधि यादव और संयुक्त निदेशक हिमाली जोशी पेटवाल को समिति में बतौर सदस्य शामिल किया गया था। समिति ने सुस्पष्ट आख्या शासन को अपनी रिपोर्ट दिए गए हैं।
उल्लेखनीय है कि सरकार ने जिला पंचायत अध्यक्षों को प्रशासक नियुक्त कर दिया था लेकिन ग्राम पंचायतों व क्षेत्र पंचायत प्रमुखों को पैदल कर दिया था। जिसके बाद ग्राम प्रधानों व क्षेत्र पंचायत प्रमुखों ने सरकार से मांग की थी। सरकार के इस निर्णय का ग्राम प्रधान संगठन के अध्यक्ष मनोज तड़ागी ने स्वागत किया है और मुख्यमंत्री का धन्यवाद ज्ञापित किया।



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