June 8, 2026

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मानसखंड कॉरिडोर यात्रा.. तीर्थ यात्रियों का दल पहुंचा चंपावत, कहा अद्भुत प्राकृतिक सौंदर्य लेकिन नगर में नहीं ड्रेनेज व्यवस्था झेलनी पड़ी बदबू

चंपावत। उत्तराखंड पर्यटन और भारतीय रेलवे के मध्यसे संचालित मानसखंड कॉरिडोर यात्रा के 300 से अधिक तीर्थयात्रियों का दल शनिवार को चंपावत मुख्यालय पहुंचा। महाराष्ट्र के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे पर्टकों ने चाय बगान बालेश्वर मंदिर का भ्रमण किया। इस दौरान पर्यटक मंदिर और प्राकृतिक सौंदर्य को देखकर काफी प्रसन्न हुए।

पर्यटक नरेंद्र गानू ने कहा की यात्रा बहुत अच्छी है लेकिन चंपावत को विकसित करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा की क्षेत्र ड्रेनेज सिस्टम ना होने से काफी बदबू झेलनी पड़ी। उन्होंने यहां के प्राकृतिक सौंदर्य की प्रशंसा की। ओरंगाबाद से आए गंगा विशन लाउटी ने कहा कि वह इस पहले चार धाम की यात्रा कर चुके हैं। उन्होंने कहा की संसाधन को बढ़ानी की आवश्यकता है सुनने का चंपावत के चाय बागान को कोई देख ले तो वह दार्जिलिंग को भूल जाएगा। इसी तरह नाशिक से पहुंचे बालासाहेब पटुदेवरे ने भी यात्रा की प्रशंसा की उन्होंने कहा की यात्रा अविस्मरणीय है।

7 दिवसीय आध्यात्मिक यात्रा के माध्यम से कुमाऊं क्षेत्र के प्राचीन मंदिर और पर्यटक स्थलों का भ्रमण करना है।
उत्तराखंड पर्यटन विभाग भारतीय रेलवे के साथ मिलकर मानसखंड कॉरिडोर यात्रा शुरू करने जा रहा है , जिसका उद्देश्य कुमाऊं क्षेत्र के प्राचीन मंदिरों को उजागर करना है। 22 अप्रैल से पुणे से एक विशेष ट्रेन के जरिए पर्यटक टनकपुर पहुंचे। इस पहल का उद्देश्य यात्रियों को उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और स्थापत्य कला के चमत्कारों को देखने का अवसर प्रदान करके क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देना है। 7 दिवसीय आध्यात्मिक यात्रा के माध्यम से कुमाऊं क्षेत्र के प्राचीन मंदिर और पर्यटक स्थलों का भ्रमण करना है।
उत्तराखंड पर्यटन विभाग भारतीय रेलवे के साथ मिलकर मानसखंड कॉरिडोर यात्रा शुरू की है , जिसका उद्देश्य कुमाऊं क्षेत्र के प्राचीन मंदिरों को उजागर करना है। 22 अप्रैल से पुणे से एक विशेष ट्रेन के जरिए पर्यटक टनकपुर पहुंचे। इस पहल का उद्देश्य यात्रियों को उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और स्थापत्य कला के चमत्कारों को देखने का अवसर प्रदान करके क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देना है।

मानसखंड मंदिर टूर पैकेज, 7 दिन और 6 रातों तक फैला है, जो तीर्थयात्रियों को पवित्र स्थलों के माध्यम से एक व्यापक यात्रा प्रदान करेगा। आगमन पर, तीर्थयात्री टनकपुर से लगभग एक किलोमीटर दूर स्थित खटीमा में ट्रेन से उतरेऔर सड़क परिवहन के माध्यम से मंदिरों तक पहुँचे। जहां सबसे पहले शारदा घाट मां पूर्णागिरी के दर्शन किए। ट्रेन 22 अप्रैल को पुणे से रवाना होकर, 24 अप्रैल को खटीमा पहुंची।
टूर पैकेज के हिस्से के रूप में, श्रद्धालु टनकपुर, चंपावत, पिथौरागढ़ और अल्मोड़ा में स्थित विभिन्न मंदिरों और धार्मिक स्थलों की यात्रा पर निकलेंगे, जहाँ उन्हें इन स्थानों के पौराणिक महत्व के बारे में विस्तृत जानकारी मिलेगी।
यात्रा कार्यक्रम में चंपावत में बालेश्वर, मानेस्वर और मायावती जैसे कई उल्लेखनीय मंदिरों के दर्शन शामिल हैं। पिथौरागढ़ में हाट कालिका और पाताल भुवनेश्वर; चितई में जागेश्वर और गोलू देवता,साथ ही अल्मोड़ा में नंदा देवी, कसार देवी और कटारमल का भी भ्रमण करेंगे।

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