November 3, 2026

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चंपावत को कीवी हब बनाने की तैयारी कीवी महोत्सव का हुआ आयोजन

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चंपावत को कीवी हब बनाने की तैयारी, 380 किसान कर रहे खेती

चंपावत जिले में किसानों की आय बढ़ाने और पहाड़ों में स्वरोजगार के अवसर विकसित करने के लिए कीवी की खेती को बड़े स्तर पर बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी उद्देश्य से मंगलवार को कलक्ट्रेट परिसर में कीवी महोत्सव एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिलाधिकारी मनीष कुमार और दर्जा राज्य मंत्री रामपाल सिंह ने दीप प्रज्वलित कर महोत्सव का शुभारंभ किया। इसमें चंपावत समेत नैनीताल, अल्मोड़ा, बागेश्वर और पिथौरागढ़ के प्रगतिशील किसानों ने प्रतिभाग किया।

जिले में वर्तमान में करीब तीन सौ अस्सी किसान कीवी की खेती कर रहे हैं। उद्यान विभाग के पूर्व में प्रकाशित आंकड़ों के अनुसार जिले में करीब चौबीस दशमलव उन्नीस हेक्टेयर क्षेत्र में कीवी की खेती हो रही थी और इसका वार्षिक उत्पादन अठारह दशमलव पचहत्तर मीट्रिक टन दर्ज किया गया था। अब जिला योजना के तहत करीब दो करोड़ रुपये की धनराशि से इस वर्ष चौबीस एकड़ क्षेत्र में कीवी उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है।

महोत्सव में कीवी मैन के नाम से प्रसिद्ध प्रगतिशील किसान भवान सिंह कोरंगा ने किसानों को कीवी की उन्नत खेती, पौधों के चयन, बेलों के प्रबंधन, सिंचाई और बेहतर उत्पादन की बारीकियां बताईं। वहीं एपीडा के प्रबंधक विशाल सैनी ने फलों के निर्यात की संभावनाओं और कृषि विज्ञान केंद्र लोहाघाट के विशेषज्ञों ने पहाड़ में बागवानी के विस्तार की जानकारी दी। विशेषज्ञों ने किसानों को कीवी की पैकेजिंग, ब्रांडिंग, प्रसंस्करण और विपणन के बारे में भी बताया।

जिलाधिकारी मनीष कुमार ने कहा कि चंपावत की जलवायु और भौगोलिक परिस्थितियां कीवी उत्पादन के लिए अनुकूल हैं। जंगली जानवरों से अपेक्षाकृत कम नुकसान होने के कारण यह फसल पहाड़ी किसानों के लिए अतिरिक्त आय का अच्छा विकल्प बन सकती है। उन्होंने कहा कि चंपावत को कीवी उत्पादन के हब के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए किसानों को प्रशिक्षण और तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कीवी के साथ सेब की खेती और मधुमक्खी पालन को भी अपनाने की अपील की।

दर्जा राज्य मंत्री रामपाल सिंह ने कहा कि बागवानी और लाभकारी कृषि गतिविधियों से गांवों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और रिवर्स पलायन को भी बढ़ावा मिलेगा।

महोत्सव में कीवी और अन्य स्थानीय उत्पादों के नौ स्टॉल लगाए गए। यहां दो सौ पचास से तीन सौ रुपये प्रति किलोग्राम की दर से करीब चालीस हजार रुपये की कीवी की बिक्री हुई। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मनोज कोरंगा को प्रथम, रमेश चंद्र खर्कवाल को द्वितीय और पीतांबर गहतोड़ी को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। जिलाधिकारी ने तीनों किसानों को प्रमाण पत्र और शील्ड देकर सम्मानित किया।

कार्यक्रम में जिला उद्यान अधिकारी योगेश भट्ट, मुख्य विकास अधिकारी अजय सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष गोविंद सामंत सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और प्रगतिशील किसान मौजूद रहे।

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