October 30, 2026

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रोडवेज कर्मियों की बेमियादी हड़ताल शुरू, यात्रियों की बढ़ी परेशानी

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रोडवेज कर्मियों की बेमियादी हड़ताल शुरू, यात्रियों की बढ़ी परेशानी

नियमित नियुक्ति, समान काम-समान वेतन और बसों की संख्या बढ़ाने समेत कई मांगों को लेकर कार्य बहिष्कार; परिवहन मजदूर संघ के धरने को एक सप्ताह पूरा

चंपावत/टनकपुर। उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन की क्षेत्रीय इकाई ने विभिन्न मांगों को लेकर शुक्रवार, 30 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया है। वहीं उत्तरांचल परिवहन मजदूर संघ के बैनर तले टनकपुर के निर्माणाधीन आईएसबीटी परिसर में चल रहे धरने को भी एक सप्ताह पूरा हो गया है। रोडवेज कर्मियों के आंदोलन का असर बसों के संचालन पर दिखने लगा है। कुछ मार्गों पर सेवाएं प्रभावित होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

रोडवेज कर्मचारी यूनियन और परिवहन मजदूर संघ के सदस्य अलग-अलग बैनरों तले अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में संविदा एवं विशेष श्रेणी के कर्मचारियों को समान काम-समान वेतन, नियमित नियुक्ति, समय पर वेतन भुगतान, लंबित देयकों का निस्तारण और रोडवेज बसों के बेड़े में बढ़ोतरी शामिल है।

कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से मांगों को उठाने के बावजूद शासन और निगम प्रबंधन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी है कि मांगों पर सकारात्मक निर्णय होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

कुछ स्थानीय मार्गों पर बस सेवाएं प्रभावित

टनकपुर के प्रभारी एआरएम सुरेश पांडेय ने बताया कि अधिकांश बस सेवाएं सुचारू रूप से संचालित हो रही हैं। हालांकि हल्द्वानी, बरेली समेत आसपास के कुछ मार्गों पर बस संचालन आंशिक रूप से प्रभावित हुआ है। वहीं लोहाघाट डिपो के एआरएम धीरज वर्मा ने बताया कि उनके डिपो में हड़ताल का कोई खास असर नहीं पड़ा है। अधिकांश बस सेवाएं पूर्व की तरह संचालित की जा रही हैं।

ये हैं कर्मचारियों की प्रमुख मांगें

1. विशेष श्रेणी, संविदा और ठेके पर कार्यरत रोडवेज कर्मचारियों को उपनल कर्मियों की तर्ज पर समान काम-समान वेतन दिया जाए।
2. परिवहन निगम के कर्मचारियों को प्रत्येक माह की सात तारीख तक वेतन दिया जाए और लंबित देयकों का भुगतान किया जाए।
3. अर्धकुंभ मेले से पहले रोडवेज बेड़े में कम से कम पांच सौ एसी इलेक्ट्रिक टू-बाई-टू बसें शामिल की जाएं।
4. हिमाचल रोडवेज की तर्ज पर उत्तराखंड परिवहन निगम के कर्मचारियों को राजकीय कोष से वेतन दिया जाए।
5. एजेंसी के माध्यम से कार्यरत चालक, परिचालक और अन्य कर्मचारियों को निगम कर्मचारी घोषित किया जाए।
6. राज्य कर्मचारियों की तर्ज पर 60 प्रतिशत महंगाई भत्ते का लाभ देय तिथि से एरियर सहित दिया जाए। निगम निदेशक मंडल के निर्णय के अनुसार विशेष श्रेणी और संविदा कर्मियों को भी इसका लाभ मिले।
7. अर्धकुंभ मेले के दौरान अतिरिक्त बसों, ईंधन, मरम्मत और संचालन की जरूरतों को पूरा करने के लिए अलग से स्पेशल ट्रांसपोर्ट सपोर्ट फंड बनाया जाए।

आंदोलन में शामिल कर्मचारी

उत्तरांचल परिवहन मजदूर संघ के धरने में: नवीन चंद्र खोलिया, देवेंद्र मिश्रा, मनीष कुमार, कृष्ण गिरी, केशव दत्त लोहनी, हरिकेश गिरि, दीपक सिंह, नवीन चंद्र जोशी, सनी पाल, शलज सक्सेना, परवेज खान, पूरन लाल, महेंद्र सिंह, कुंदन सिंह, मनोज मिश्रा, रवि कुमार, कुलदीप गुप्ता, राकेश कुमार, सचिन प्रकाश, विनोद कुमार गौतम, गंगा राम, विमल पाठक, संजय शर्मा, चंद्रशेखर पाठक, उमेश चंद्र जोशी, भुवन चंद्र शर्मा, केदार सिंह, ललित खोलिया, भुवन रौतेला और राजेश जोशी सहित अन्य कर्मचारी शामिल हैं।

रोडवेज कर्मचारी यूनियन की हड़ताल में: मंडल मंत्री नीरज सिंह, अमित कपूर, रवि शर्मा, अनुराग सिंह, शेर सिंह बिष्ट, धीरज प्रसाद, सुनील, सचिन, हरीश चंद्र जोशी, महेंद्र पाल, पूरन सिंह, डूंगर सिंह, सुरेंद्र चिलवाल, विनोद कुमार गौतम, प्रवीण जोशी, मनोज कुमार, संतोष कुमार, राजपाल, प्रकाशनाथ, दीपक कुमार, ललित सिंह खोलिया, केदार सिंह, रविंद्र चंद्र जोशी, गंगा राम, महेश चंद्र जोशी, वसीम अहमद, सुधीर राम, ललित प्रसाद, प्रकाश चंद्र गड़कोटी, ओम प्रकाश, धीरज सिंह, दीपक अधिकारी, कृष्णा कुमार, मोहम्मद साजिद, सुरेश पांडेय, सुखदेव सिंह, दिलजीत सिंह, संदीप सिंह, दीपक कश्यप, वीरेंद्र कुमार, सुनील चंद्र, दीपक बिष्ट, हर्ष बहादुर सिंह, दरबान राम, राजेंद्र सिंह, अमित चंद, ईश्वरी राम, रविंद्र बोहरा और मुकेश चंद सहित अन्य कर्मचारी शामिल रहे।

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