चंपावत। नाबालिग बालिका से दुष्कर्म करने के आरोप में लोहाघाट जेल में बंद पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष कमल रावत की जमानत अर्जी अदालत ने खारिज कर दी है। जिला जज कहकशा खान ने 16 जनवरी को जमानत के प्रार्थनापत्र को खारिज कर दिया। अभियुक्त के वकील की तमाम दलीलों को अस्वीकार करते हुए जज ने अपराध की प्रवृत्ति को गंभीर मान इसे खारिज कर दिया। बचाव पक्ष के अधिवक्ता राम सिंह बिष्ट की दलील थी अभियुक्त पर शादी के लिए दबाव बनाने के साथ ही झूठे आरोप लगाए गए हैं। अभियुक्त के पिता ह्दय रोगी हैं और उनका इलाज चल रहा है। अभियुक्त ने 31 दिसंबर को खुद चंपावत कोतवाली में आत्मसमर्पण किया। एफआईआर में देरी के अलावा वारदात की तिथि, माह और समय का विवरण नहीं दिया गया है। अभियुक्त का कोई आपराधिक अतीत नहीं रहा है। लेकिन अदालत में ये दलीलें टिक नहीं सकी।जिला जज कहकशा खान ने कहा कि पीडिता और अभियुक्त के आपस में रिश्तेदार होने, पीडिता और अभियुक्त की आयु में लगभग 14 वर्ष का अंतर होना और अपराध की गंभीरता से जमानत का आवेदन पत्र स्वीकार करने योग्य नहीं है। जज ने इन आधारों पर जमानत के आवेदन को खारिज कर दिया। भाजपा के निष्कासित नेता कमल रावत पर 29 दिसंबर 2023 को चंपावत में आईपीसी की धारा 354, 376, 363, 506 के अलावा पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था। आरोपी ने 31 दिसंबर को कोतवाली में समर्पण किया था और वह तब से लोहाघाट बंदीगृह में है।

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