टनकपुर कॉलेज में छात्रसंघ अध्यक्ष ने पेट्रोल छिड़क आत्मदाह का किया प्रयास, पुलिस की सतर्कता से टली बड़ी घटना
टनकपुर। राजकीय महाविद्यालय टनकपुर में मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब छात्रसंघ अध्यक्ष ने अपने ऊपर पेट्रोल छिड़ककर आत्मदाह का प्रयास किया। मौके पर पहले से मौजूद पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप कर छात्र नेता को हिरासत में ले लिया, जिससे बड़ी अनहोनी टल गई।
जानकारी के अनुसार, सोमवार रात एनएसयूआई से जुड़े छात्रसंघ अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद कोहली ने अपने समर्थकों के साथ महाविद्यालय परिसर में आगामी छात्रसंघ चुनाव से संबंधित पोस्टर लगाए थे। मंगलवार सुबह महाविद्यालय प्रशासन ने इन्हें नियमों के विरुद्ध बताते हुए हटवा दिया। इससे नाराज छात्रसंघ अध्यक्ष ने पोस्टर दोबारा लगाने की मांग करते हुए आत्मदाह की चेतावनी दी।
स्थिति को देखते हुए महाविद्यालय प्रशासन ने पहले ही पुलिस को बुला लिया था। दोपहर करीब 12 बजे छात्रसंघ अध्यक्ष अपने समर्थकों के साथ कॉलेज पहुंचे और अचानक अपने ऊपर पेट्रोल छिड़क लिया। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उन्हें आत्मदाह करने से पहले ही रोक लिया और हिरासत में ले लिया।
पुलिस छात्रसंघ अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद कोहली, ध्यान बोहरा, दीपक बेलवाल और खीम सिंह रावत को कोतवाली ले गई। चारों ने लिखित माफीनामा देकर भविष्य में ऐसी घटना दोबारा नहीं दोहराने का आश्वासन दिया। इसके बाद महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. अनुपमा तिवारी ने उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई नहीं करने की अनुशंसा की। हालांकि पुलिस ने चारों का पुलिस एक्ट की धारा 81 के तहत चालान किया और बाद में उन्हें रिहा कर दिया।
प्राचार्या ने कहा, नियमों के विरुद्ध लगाए गए थे पोस्टर
महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. अनुपमा तिवारी ने कहा कि अभी छात्रसंघ चुनाव की कोई अधिसूचना जारी नहीं हुई है। ऐसे में परिसर में चुनाव प्रचार संबंधी पोस्टर लगाना नियमों के खिलाफ है। इसी कारण प्रशासन ने पोस्टर हटवाए थे। उन्होंने कहा कि इस घटना से महाविद्यालय का माहौल प्रभावित हुआ और संस्थान की छवि को नुकसान पहुंचा है। ऐसी घटनाएं निंदनीय हैं।

More Stories
मनरेगा कर्मचारियों ने मुख्य सचिव से लगाई स्थायीकरण की गुहार, जल्द कार्रवाई का मिला आश्वासन
पाटी अस्पताल में सेवा, सुशासन एवं समर्पण अभियान के तहत लगे चिकित्सा शिविर में नहीं पहुंचे विशेषज्ञ डॉक्टर
सेवा, सुशासन एवं समर्पण अभियान के तहत लगाए गए चिकित्सा शिविर में नहीं पहुंचे विशेषज्ञ डॉक्टर