एनएच पर फोरलेन के बजाय टनकपुर-बनबसा बाईपास की मांग को उठाई आवाज
आगामी रणनीति एवं आंदोलन की रूपरेखा तय करने के लिए 21 मई को होगी बैठक
संवाददाता चंपावत/टनकपुर। सितारगंज-टनकपुर राष्ट्रीय राजमार्ग के बनबसा से टनकपुर तक के करीब 12 किलोमीटर हिस्से को फोरलेन में परिवर्तित करने का प्रस्ताव है।
इससे रोड की चौड़ाई बढने के साथ वाहनों के आवागमन में सुविधा और अधिक सुरक्षा हो सकेगी। लेकिन वहीं इस फोरलेन का विरोध भी किया जा रहा है।
विरोध करने वालों के अगुवा सामाजिक कार्यकर्ता दीप चंद्र पाठक फोरलेन के बजाय बाईपास या एलिमिनिटेड रोड की दलील देते हैं। उनका कहना है कि बनबसा से ककरालीगेट पार तक बाईपास निर्माण की मांग समय-समय पर उठाई जाती रही
है। इसके बनने से घनी आबादी, बाजार, स्कूल एवं धार्मिक यातायात पर पड़ने वाले दबाव को कम किया जा सकेगा।
अब स्थानीय लोगों ने इस मांग को लेकर संघर्ष करने के लिए एक संघर्ष समिति का गठन किया है। टनकपुर के विजन स्कूल में एनएच चौड़ीकरण से प्रभावित लोगों की बैठक में ये निर्णय लिया गया। बैठक में सर्वसम्मति से टनकपुर-बनबसा बाईपास बनाओ संघर्ष समिति का गठन किया गया है। तय किया गया कि आगामी रणनीति एवं आंदोलन की रूपरेखा तय करने के लिए 21 मई की शाम 7 बजे टनकपुर विजन स्कूल में बैठक की जाएगी।

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