इस दौरान 3 घंटे तक जिला अस्पताल में सभी डॉक्टर ओपीडी छोड़कर पीएमएस एचएस ऐरी के कक्ष में बैठ गए। इस दौरान मरीज इलाज के लिए इधर-उधर भटकते रहे। मामले की जानकारी मिलते ही कोतवाल योगेश उपाध्याय, उपनिरीक्षक पिंकी धामी, ललित पांडे छात्रों को समझाने के लिए पहुंचे इस बीच छात्रों और पीएमएस डॉक्टर एचएस ऐरी के बीच वार्ता हुई जिसमें छात्रों द्वारा महिला के साथ हुई लापरवाही की पूरी जानकारी दी इस दौरान छात्रों ने आरोप लगाया कि अस्पताल के कुछ डॉक्टर निजी अस्पताल में भी प्रैक्टिस करते हैं, जिला अस्पताल में इसलिए वह लापरवाही बरत रहे हैं।
कुछ देर बाद एसडीएम सदर रिंकू बिष्ट भी मौके पर पहुंच गई और मामले की जांच को लेकर लिखित आश्वासन देने के बाद छात्रों ने धरना प्रदर्शन समाप्त किया।

महिला के पैर से ऑपरेशन करके निकाली गई लकड़ी

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