संवाददाता चंपावत।
उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ का कार्य बहिष्कार दसवें दिन भी जारी रहा। आज बुधवार से अति आवश्यक सेवा वाले विभाग के इंजीनियर भी धरना प्रदर्शन में शामिल हो गए। इस दौरान उन्होंने चेतावनी दी जब तक मांगे पूरी नहीं होंगी कार्यबहिष्कार जारी रहेगा।
बुधवार को दोपहर 12 बजे डिप्लोमा इंजीनियर महासंघ के जिलाध्यक्ष गोपाल कालाकोटी के नेतृत्व में चम्पावत जिले के इंजीनियरों ने लोहाघाट के लोक निर्माण विभाग गेस्ट हाउस परिसर में नारेबाजी करते हुए आक्रोश जताया।
कार्यबहिष्कार में अभियंत्रण विभागों के साथ-साथ आवश्यकीय सेवाओं जल निगम, जल संस्थान के समस्त अभियंताओं ने भी प्रतिभाग किया गया। वक्ताओं ने कहा 27 सूत्रीय मांगों के लिए वह आंदोलनरत हैं। जिसमें मुख्य रूप से प्रत्येक कर्मचारी को आवश्यक तीन प्रोन्नति अथवा तीन प्रोन्नतमान, प्रथम 10 वर्ष में 5400 ग्रेड पे, 16 वर्ष के पश्चात 6600 ग्रेड पे और 26 वर्ष के पश्चात 8700 ग्रेड पे, पुरानी पेंशन बहाल की जाए, जल संस्थान व जल निगम का राजकीयकरण किया जाए, उरेडा विभाग के कनिष्ठ अभियंताओं को 4200 के स्थान पर 4600 ग्रेड पे दिया जाना सुनिश्चित किया जाए। संचालन किशोर सिंह राठौर ने किया। कार्य बहिष्कार में वीरेंद्र बोहरा, प्रेम प्रकाश, दीपा पांडेय, प्रशांत वर्मा, प्रबुद्ध शर्मा, मनोज ओली, प्रमोद वर्मा, देवेश कुमार, दीपा मेहता, ज्योति टम्टा, हरीश कुमार,संदीप कुमार,परमानंद पुनेठा, सचिन मौजूद रहे।
विकास के पहिए होंगे जाम डिप्लोमा इंजीनियर्स के अति आवश्यक सेवा वाले विभाग भी हड़ताल पर

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