बिखरी फाइलें, खुले तार: DM के औचक निरीक्षण में बाल विकास कार्यालय की पोल खुली
चंपावत। कक्षों में बिखरी सामग्री, अव्यवस्थित अभिलेख, जगह-जगह फैले बिजली के तार, कर्मियों के लिए अपर्याप्त फर्नीचर, छत पर सीलन और जर्जर दीवारें—ऐसी ही स्थिति मिली आदर्श जिले के बाल विकास विभाग कार्यालय में।
जिला मजिस्ट्रेट मनीष कुमार ने 5 फरवरी को जिला कार्यक्रम अधिकारी (DPO) एवं विकास परियोजना अधिकारी कार्यालय का औचक निरीक्षण किया।
विभागीय योजनाओं की समीक्षा के दौरान कार्यालय व्यवस्था की खामियों पर नाराजगी जताते हुए कार्मिकों को फटकार लगाई और अधिकारियों को तुरंत सुधार के निर्देश दिए।DM ने पटवारी कार्मिकों से योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली तथा कई रजिस्टरों की जांच की।
Nउन्होंने समय पर उपस्थिति दर्ज करने, बायोमैट्रिक सिस्टम का उपयोग करने तथा अध्यक्ष को रोजाना पंजिका जांचने के आदेश दिए। साथ ही, फाइलें सुव्यवस्थित रखने, फर्नीचर उपलब्ध कराने, तारों को सुरक्षित व्यवस्थित करने, सफाई सुनिश्चित करने तथा कक्षों की मरम्मत व रंग-रंगाई कराने के निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान एक कार्मिक को कार्यालय समय में गुटखा खाते पाया गया। DM ने उसे चेतावनी दी और दोबारा दोहराने पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, राष्ट्रीय पोषण मिशन, नंदा गौरा योजना तथा पालना केंद्रों की प्रगति पर भी चर्चा की।
बिखरी फाइलें, खुले तार: DM के औचक निरीक्षण में बाल विकास कार्यालय की पोल खुली

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