देवदार और बांज के पेड़ों की रक्षा को जिलाधिकारी ने दिए सख्त निर्देश
कहा— जनता को फाइलों में न उलझाएं, दो दिन में करें प्रकरणों का निस्तारण
चम्पावत। लोहाघाट क्षेत्र के भेड़खान में देवदार के पेड़ों को गर्डल किए जाने के मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी मनीष कुमार ने कड़ी नाराजगी जाहिर की है। इस संदर्भ में शनिवार को जिला सभागार में आयोजित बैठक में उन्होंने जनपद भर में देवदार और बांज के सभी वृक्षों के संरक्षण के लिए कड़े निर्देश जारी किए।जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “हर देवदार और बांज का पेड़ हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। वृक्षों का संरक्षण केवल वन विभाग का नहीं, बल्कि हर विभाग और प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।”उन्होंने निर्देश दिया कि वृक्ष संरक्षण के लिए विभिन्न विभागों को क्षेत्रवार (एरिया-वाइज) जिम्मेदारियां सौंपी जाएं, ताकि किसी भी स्तर पर लापरवाही की संभावना ना रहे। पेड़ों को क्षति पहुंचाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के साथ उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे मामलों में ढिलाई बिलकुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी।जिलाधिकारी ने जनपद के पटवारियों को अपने क्षेत्रों में किए गए अतिक्रमण को तुरंत चिन्हित कर हटाने के निर्देश भी दिए। साथ ही, उन्होंने पटवारियों, ग्राम विकास अधिकारियों और अन्य फील्ड स्टाफ से कहा कि “जनता को फाइलों में न उलझाएं, सभी प्रकरणों का अधिकतम दो दिवस में निस्तारण सुनिश्चित करें।”उन्होंने जोर दिया कि पर्यावरण संरक्षण और जनसेवा दोनों ही प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताएं हैं, और इन विषयों पर संवेदनशीलता के साथ तत्पर कार्य किया जाना चाहिए।बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी. एस. खाती, अपर जिलाधिकारी कृष्णनाथ गोस्वामी, उपजिलाधिकारी अनुराग आर्या, आकाश जोशी, नीतू डांगर तथा जनपद के विभिन्न विभागों के पटवारी, फील्ड अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे

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