रैली निकालकर प्रधानमंत्री व केंद्रीय शिक्षा मंत्री को भेजा ज्ञापन
लोहाघाट। उत्तरांचल स्टेट प्राइमरी टीचर्स एसोसिएशन के बैनर तले शिक्षकों ने शुक्रवार को टीईटी की अनिवार्यता समाप्त करने और पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) बहाल करने की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने बीआरसी परिसर से तहसील तक रैली निकालकर नारेबाजी की और एसडीएम नीतू डांगर के माध्यम से प्रधानमंत्री तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया।
रैली के दौरान शिक्षकों ने सरकार से नियुक्त शिक्षकों के लिए टीईटी परीक्षा की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग उठाई। एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष उत्तम सिंह फर्त्याल ने कहा कि जिन शिक्षकों की नियुक्ति उस समय हुई थी, तब टीईटी का कोई प्रावधान नहीं था। ऐसे में नियुक्ति के वर्षों बाद इसे अनिवार्य करना न्यायसंगत नहीं है।
शिक्षकों ने नई पेंशन योजना समाप्त कर अक्टूबर 2005 के बाद नियुक्त सभी शिक्षकों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ देने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि यह कर्मचारियों के भविष्य और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है।
जिलाध्यक्ष ने बताया कि मांगों के समर्थन में आंदोलन आगे भी जारी रहेगा। 17 जुलाई को जिला मुख्यालय में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद पोस्टकार्ड अभियान चलाकर सरकार तक शिक्षकों की आवाज पहुंचाई जाएगी।
इस अवसर पर राशिस के जिलाध्यक्ष जगदीश सिंह अधिकारी, प्रकाश चंद्र उपाध्याय, कुंवर प्रथोली, गोविंद मेहता, दीपक अधिकारी, प्रकाश जोशी, प्रकाश तड़ागी, कैलाश ओली, ब्लॉक अध्यक्ष कैलाश सिंह फर्त्याल, शंकर सिंह अधिकारी, चंद्र किशोर पांडेय, पान सिंह चमलेगी, मयंक पुनेठा, नरेश जोशी, जीवन मेहता, मुकेश साह, अरविंद गड़कोटी, बलवंत सिंह, निर्मला राय, भगवती भट्ट, मीना अधिकारी, नीमा टम्टा, जया जोशी, भारती पांडेय, सरस्वती अधिकारी, मुन्नी फर्त्याल, सरिता प्रथोली, पंकज वर्मा, दीपक जोशी सहित बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे।


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