June 4, 2026

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विश्व पर्यावरण दिवस पर विशेष:पर्यावरण संरक्षण की मिसाल बन रहे है जिला पंचायत सदस्य योगेश जोशी

विश्व पर्यावरण दिवस पर विशेष एक जनप्रतिनिधि ऐसा भी –

एक पौधा, एक संकल्प: पर्यावरण संरक्षण की प्रेरक पहल

पर्यावरण संरक्षण की मिसाल बन रहे है जिला पंचायत सदस्य योगेश जोशी योगी
संवाददाता चंपावत ।
पर्यावरण संरक्षण आज केवल एक सामाजिक दायित्व नहीं, बल्कि मानव अस्तित्व की अनिवार्य आवश्यकता बन चुका है। बढ़ते प्रदूषण, घटते वन क्षेत्र और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों के बीच ऐसे प्रयास समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बनते हैं, जो पर्यावरण संरक्षण को केवल विचारों तक सीमित न रखकर उसे व्यवहार में उतारते हैं।
चम्पावत जनपद के बाराकोट क्षेत्र निवासी एवं फर्तोला जिला पंचायत क्षेत्र के जिला पंचायत सदस्य योगेश जोशी ‘योगी’ द्वारा इसी दिशा में एक सराहनीय और अनुकरणीय पहल की जा रही है। उन्होंने वृक्षारोपण को अपने सामाजिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बना लिया है। जन्मदिवस, वैवाहिक समारोह, राष्ट्रीय पर्वों जैसे 15 अगस्त और 26 जनवरी, विद्यालयों के वार्षिकोत्सवों तथा अन्य शुभ अवसरों को वे वृक्षारोपण के माध्यम से यादगार बनाने का संदेश देते हैं।
आज जब अधिकांश अवसर केवल औपचारिक आयोजनों तक सीमित होकर रह जाते हैं, तब योगेश जोशी का यह प्रयास समाज को एक सकारात्मक दिशा दिखाता है। उनके द्वारा अब तक एक हजार से अधिक पौधों का रोपण किया जा चुका है। यह संख्या केवल पौधों की नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति समर्पण, जागरूकता और भविष्य की पीढ़ियों के प्रति जिम्मेदारी का प्रतीक है।
विशेष बात यह है कि उनकी यह पहल केवल स्वयं तक सीमित नहीं है। वृक्षारोपण के माध्यम से वे समाज के अन्य लोगों, युवाओं और विद्यार्थियों को भी पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित कर रहे हैं। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन के महत्वपूर्ण अवसरों पर एक पौधा लगाने और उसकी देखभाल करने का संकल्प ले, तो पर्यावरण संरक्षण का अभियान जन आंदोलन का स्वरूप ले सकता है।
विश्व पर्यावरण दिवस हमें प्रकृति के प्रति अपने दायित्वों का स्मरण कराता है। ऐसे समय में योगेश जोशी “योगी” जैसे जनप्रतिनिधियों की पहल यह संदेश देती है कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी योजनाओं का विषय नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सहभागिता से ही संभव है। वृक्ष केवल हरियाली नहीं देते, बल्कि स्वच्छ वायु, जल संरक्षण, जैव विविधता और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की आधारशिला भी होते हैं।
आज आवश्यकता है कि ऐसे प्रयासों को व्यापक जनसमर्थन मिले और समाज के अधिक से अधिक लोग इस अभियान से जुड़ें। पर्यावरण संरक्षण का सबसे सरल और प्रभावी माध्यम वृक्षारोपण है, और जब यह संस्कार बन जाए तो प्रकृति और मानव के बीच संतुलन स्थापित करना कहीं अधिक आसान हो जाता है।
विश्व पर्यावरण दिवस पर यह पहल हम सभी के लिए एक संदेश है—प्रकृति को बचाने के लिए बड़े संसाधनों की नहीं, बल्कि बड़े संकल्प की आवश्यकता होती है। योगेश जोशी “योगी” द्वारा लगाया गया प्रत्येक पौधा इसी संकल्प का जीवंत प्रतीक है।

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