संवाददाता/चंपावत।
जिले के टनकपुर में भले ही 187 बस की क्षमता वाला 237.27 4 करोड रुपए की लागत से आईएसबीटी का निर्माण हो रहा है। लेकिन टनकपुर और लोहाघाट डिपो की खटारी रोडवेज बसों से यात्री परेशान हैं।
शनिवार को पोंटा साहिब चलने वाली लोहाघाट डिपो की रोडवेज बस यूके07P_A4219 खराब हो गई जिसमें बस में सवार 15 से अधिक यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बताया जा रहा है कि बस के क्लच में कुछ तकनीकी दिक्कत आ गई थी।
जानकारी के अनुसार यह बस 8 लाख किलोमीटर चल चुकी है और अपने मानकों को पूरा कर चुकी है। लोहाघाट डिपो में ऐसी 14 खटारी बसों को संचालन करने पर विवश है जो ओवर माइलेज हैं। लोहाघाट डिपो के एजीएम ने 25 नई बसों की मांग की है जिसको लेकर प्रस्ताव भेजा गया है।
पुरानी बसें ऋषिकेश,बरेली,काशीपुर,पौंटा साहिब आदि क्षेत्रों में चलती हैं। मानकों पूरा कर चुकी इन बसों से सफर करना मतलब जान जोखिम में डालना है। उत्तराखंड सरकार पहाड़ों में पर्यटन को बढ़ावा देने की बात कर रही है लेकिन क्या इन्हीं खटारी बसों से उत्तराखंड में पर्यटन बढ़ेगा।
लोहाघाट डिपो के एजीएम धीरज वर्मा ने बताया कि बस में तकनीकी खामी आ गई थी यात्रियों को दूसरे वहां से गंतव्य को रवाना किया गया।
उन्होंने बताया कि 25 नई बसों का प्रस्ताव भेजा गया है शीघ्र बसों के मिलने की उम्मीद है।
पौंटा साहिब चलने वाली रोडवेज बस क्लच में खराबी होने से मानेश्वर के पास हुई खराब, यात्रियों को झेलनी पड़ी फजीहत

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