बाहर से दवा न लिखने के डीएम के निर्देश के बाद
जिला अस्पताल में 3 घंटे प्रभावित रही ओपीडी
संवाददाता /चंपावत। जिला अस्पताल में जिलाधिकारी मनीष कुमार ने बुधवार को औचक निरीक्षण किया था।
इस दौरान बाहर से दवाएं नहीं लिखने को लेकर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए थे।
जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने गुरुवार को सभी दवाओं की उपलब्धता के बाद काम करने की बात कही और 3 घंटे तक ओपीडी में नहीं पहुंचे। बाद में ओपीडी पर वापस लौटे ।
कल 11 फरवरी को जिलाधिकारी मनीष कुमार के औचक निरीक्षण के दौरान कुछ दवाओं को बाहर से लिखा गया था। इस पर जिलाधिकारी मनीष कुमार ने बाहर से दवाएं नहीं मंगाने के निर्देश दिए, ताकि विभिन्न ग्रामीण क्षेत्र से आ रहे गरीब लोगों पर आर्थिक बोझ न पड़े। डीएम के इस आदेश के बाद बाहर से दवाएं नहीं लिखने के निर्देश प्रभारी पीएमएस डॉक्टर प्रदीप बिष्ट ने सभी डॉक्टर को जारी किए।
इस पत्र के बाद डॉक्टर्स का कहना था कि जिला अस्पताल में सभी दवाओं की
उपलब्धता के बाद काम करेंगे। डीएम मनीष कुमार नने पूर्व में ही जिला अस्पताल को अनटाइट फंड से ₹5 लाख जारी किए थे। जिससे कि गरीब मरीजों को बाहर से दवा ना लेनी पड़े।
आज गुरुवार को डॉक्टर के ओपीडी में न बैठने से तीन घंटे के लिए ओपीडी का कार्य प्रभावित रहा। इस दौरान अल्ट्रासाउंड और x-ray को छोड़ कर ओपीडी से संबंधित अधिकांश सेवाओं पर असर पड़ा। बाद में डॉक्टर्स को समझाने और डीएम के निर्देश के बाद ओपीडी का कार्य बहिष्कार वापस लिया गया।
ओपीडी ठप होने से जिले के विभिन्न क्षेत्रों से जिसमें लोहाघाट, बाराकोट और अन्य दूरदराज के इलाकों से आए मरीजों को भी परेशानी का समाना करना पड़ा। उन्हें भारी दिक्कतों के साथ के साथ लंबा इंतजार करना पड़ा। बाद में ओपीडी सुचारू होने से मरीजों को राहत मिली।

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