अपेक्षा से कम नंबर आने पर छात्र लगाई फांसी
चम्पावत। उत्तराखंड बोर्ड ने शनिवार को हाईस्कूल व इंटरमीडिएट परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया है। परिणाम आने के बाद जहां बच्चों में उत्साह देखने को मिला वही
इसी बीच लोहाघाट ब्लॉक के सीमांत दिगाली चौड़ क्षेत्र से एक चिंताजनक मामला सामने आया है।
जानकारी के अनुसार, एक गांव के हाईस्कूल में पढ़ने वाले नाबालिग छात्र ने परीक्षा में अपेक्षा से कम अंक आने पर घर के भीतर फांसी लगा ली। घटना का पता तब चला जब घर में मौजूद एक बच्ची ने छात्र को फंदे पर लटका देखा और तुरंत परिजनों को सूचना दी।
परिजन व ग्रामीण तुरंत छात्र को फंदे से उतारकर उपचार के लिए लोहाघाट उप जिला चिकित्सालय ले गए। वहां चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विराज राठी के नेतृत्व में डॉ. हिमांशु सरन द्वारा प्राथमिक उपचार किया गया।
डॉ. राठी ने बताया कि छात्र की हालत बेहद गंभीर है। अस्पताल में ईएनटी सर्जन नहीं होने के कारण उसे बेहतर उपचार के लिए हायर सेंटर चंपावत जिला चिकित्सालय रेफर किया गया है, जहां उसकी स्थिति नाजुक बनी हुई है। बताया जा रहा है कि छात्र काफी मेहनती था
ग्रामीणों के अनुसार, छात्र ने हाईस्कूल परीक्षा में 73 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे लेकिन उसे इससे अधिक अंकों की अपेक्षा थी
नोट: परीक्षा परिणाम को लेकर बच्चों पर अनावश्यक दबाव न डालें। किसी भी प्रकार की मानसिक परेशानी में तुरंत परिजनों या विशेषज्ञों से संपर्क करना जरूरी है। छात्र-छात्राएं भी इसे अंतिम प्रयास ना समझे भविष्य के लिए मेहनत करें। बहुत से IAS, PCS अधिकारियों के उदाहरण हैं जिन्हें 10वीं 12वीं में पहली बार में सफलता नहीं मिली लेकिन उन्होंने मेहनत करी और अच्छे मुकाम पर पहुंचे।

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